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।। हस्त-रेखा ज्योतिष ।।

विशेषतः हस्त रेखा के आधार पर हम अपने जीवन का प्रत्येक कर्म हाथो से ही करते हैं। दूसरे शब्दों में हम हाथ को ही जीवन का दर्पण मानते हैं। एक प्रमुख बात यह है कि संसार में एक व्यक्ति के हाथ की रेखाएं दूसरे व्यक्ति के हाथ से कभी नहीं मिलती हैं। अब यदि हाथ पर बनी आड़ी तिरछी रेखाओं के विषय का अध्ययन कर लिया जाये तो मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन को पढ़ा जा सकता है। हस्त रेखा का प्रमुख उद्देंश्य है कि मानव जीवन को पढ़ना व समस्याओं का समाधान करना है। एक समय जब किसी जातक का एक निश्चित स्थान पर जन्म होता है तो उसी समय सम्पूर्ण ब्रहमाण्ड की छाप उस व्यक्ति में ठीक उसी प्रकार प्रतिबिंबित होती है। जैसे की कैमरे के सामने की वस्तु छाया अपने आप कैद हो जाती है। ब्रहमाण्ड की छाप मनुष्य में बीज रूप में विद्यमान रहती है। जो कि उचित अवसर पाकर अंकुरित होता है।

मानव जीवन पर ब्रहमाण्ड के पढ़ने वाले प्रभाव का अध्ययन ही ज्योतिष शास्त्र है। ज्योतिष शास्त्र का गहन अध्ययन करके ब्रहमाण्ड के गतान्श की जानकरी रखने वाला ही ज्योतिषी है। अगर किसी भी जातक के पास जन्म कुण्डली नहीं है तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। वह अपने भविष्य का फल अपने हाथ की रेखाओं के माध्यम से ले सकता है। यहां तक की हमारे भारत भूमि पर बडे-बड़े प्रकाण्ड विद्वान उत्पन्न हुए। जिन्होंने समय≤ पर भारत के गौरव का सम्बर्धन किया और उसी में से एक हैं आचार्य दीपक उपाध्याय, जिन्होंने इन सभी महा पुरूषों के कथनों का अनुसरण करते हुए इंसान के भाग्य को मार्गदर्शित करते हुए आप सभी सज्जनो के यह सूचित करते हुए इन्हें हर्ष और गौरव प्रदान हो रहा है कि अगर आपके पास आपका जन्म समय न हो तो भी आप हस्त रेखा व प्रश्न कुण्डली के माध्यम से जान सकते हैं।

हस्त रेखा देखने का चार्ज : रू- 1100/- मात्र